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चल मेरे घोड़े…..

चले मेरा घोडा,
टिक, टिक,टिक,
चलना उसका काम,
मैं भी खेलूँ,
करना नहीं है आराम !
दौड़े मेरा घोडा,
करूँ ऐसी सवारी,
और करूँ हवा से बातें,
है मेरी तैयारी !
लक्ष्मी बाई की सुनी कहानी,
नहीं था उसका कोई सानी,
न होगी डर की बानी,
अब मैंने भी है ठानी !
तो, दौड़ मेरे घोड़े,
टिक टॉक टिक,
मत जाना तू,
रुक, रुक, रुक !!
पार करले राह के रोड़े,
दौड़, दौड़ बस दौड़
मेरे घोड़े !!!

One thought on “चल मेरे घोड़े…..

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